Happy Birthday Prithvi Shaw 4 साल कि उम्र में माँ को खोया, फिर ऐसे बनाया क्रिकेट में करियर 

आज यानी 9 नवंबर को भारतीय क्रिकेट टीम के सलामी बल्लेबाज पृथ्वी शॉ का जन्मदिन है।  छोटी सी उम्र में अपना करियर शुरू करने वाले Prithvi Shaw ने 4 साल कि उम्र में ही माँ को खो दिया था।  आज पृथ्वी 22 साल के हो गए है।  उनका जन्म 1999 में महाराष्ट्र के ठाणे में हुआ था। अपनी माँ के देहांत के बाद पृथ्वी के पालनहार और सबकुछ बने उनके पिता। 

उन्होंने शॉ को क्रिकेटर बनाने के लिए अपना सब कुछ दावं पर लगा दिया।  महज 14 साल कि उम्र में पृथ्वी शॉ ने लगातार 2 दिन बल्लेबाजी करके रिकॉर्ड 546 रन बनाये थे। ऐज ग्रुप क्रिकेट टूर्नामेंट में यह कारनामा शॉ ने 330 गेंद में 85 चौकों और 5 छक्कों की मदद से किया।  उसके बाद अपने डेब्यू टेस्ट में शतक ठोककर रिकॉर्ड बनाया।  

Happy Birthday Prithvi Shaw- Prithvi Shaw’s Career, Bio, Family 

कम उम्र में ही माँ का साया उठ जाने के बाद पृथ्वी का बचपन काफी कठिनाइयों भरा रहा।  आज हम जानेंगे कि कैसे  विरार की गलियों से उन्होंने Team India तक का सफर तय किया।  आज उनके जन्मदिन (Happy Birthday Prithvi Shaw) पर शॉ के करियर, बायो, एजुकेशन और फॅमिली के बारे बात करेंगे।  

पृथ्वी शॉ मूल रूप से बिहार के रहने वाले है लेकिन उनके जन्म से पहले ही पिता महाराष्ट्र आ गए थे।  पृथ्वी का बचपन गरीबी में गुजरा।  3 साल कि उम्र में शॉ ने घर में ही प्लास्टिक बॉल से खेलना शुरू किया। इसी शरारती में अपने घर का टीवी और पड़ोसियों के कांच फोड़े। 

पिता ने उसी वक्त पृथ्वी के टैलेंट को पहचानकर उनका क्रिकेट एकेडमी में दाखिला करवा दिया।  लेकिन एकेडमी बांद्रा में थी। वो रोज विरार से बांद्रा ट्रेनिंग के जाते थे। इसके लिए पृथ्वी को पिता पंकज सुबह 4 बजे उठा देते थे। यह सिलसिला सालों-साल चलता रहा।  

क्रिकेटर बनाने के लिए पिता ने बेची कपडे की दुकान 

पृथ्वी के पिता की कपडे की दुकान थी।  लेकिन बेटे का क्रिकेट में करियर बने इसके लिए उन्होंने दुकान तक बेच दी।  Prithvi Shaw को भी पिता का यह त्याग कम उम्र में ही समझ आ गया था। इसलिए जिस उम्र में बच्चे अपने परिवार के साथ घूमते-फिरते थे, पृथ्वी सिर्फ क्रिकेट के बारे में ही सोचते रहते थे।  इस दौरान उन्होंने कई उतार-चढ़ाव देख।  पैसों की तंगी झेली. लेकिन हर संघर्ष के साथ उनके क्रिकेटर बनने का सपना औऱ मजबूत होता गया। 

Prithvi Shaw अपनी 546 रनकी पारी से सुर्खियों आये 

2013में Prithvi शॉ तब सुर्खियों में आये जब उन्होंने हैरिस शील्ड टूर्नामेंट में रिजवी स्प्रिंगफील्ड स्कूल की तरफ से खेलते हुए सेंट फ्रांसिस स्कूल के खिलाफ 330 गेंद में 546 रन की पारी खेली थी।  उनकी इस पारी से पिता नाराज हो गए थे, यह बात शॉ ने एक इंटरव्यू में कही। उनके अनुसार पृथ्वी नॉट आउट नहीं लौटे और इस बात पर पिता ने नाराजगी जाहिर की।  

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पृथ्वी की कप्तानी में भारत अंडर-19 टीम विश्व कप जीता

2016 में पृथ्वी को भारत की अंडर-19 टीम में जगह मिली| इस टीम ने श्रीलंका में एशिया कप जीता था. 2 महीने बाद उन्होंने तमिलनाडु के खिलाफ सेमीफाइनल में मुंबई के लिए रणजी ट्रॉफी में डेब्यू किया और दूसरी पारी में शतक बनाया, जिससे उनकी टीम को जीत मिली थी. 2 साल बाद पृथ्वी की कप्तानी में भारत ने अंडर-19 विश्व कप जीता. इसी टूर्नामेंट के दौरान उन्हें आईपीएल नीलामी में दिल्ली डेयरडेविल्स ने 1.2 करोड़ की मोटी कीमत में खरीदा. इसके बाद से पृथ्वी ने पीछे मुड़कर नहीं देखा.

पृथ्वी ने डेब्यू टेस्ट में शतक ठोका था

उन्हें 2018 में वेस्टइंडीज के खिलाफ टेस्ट डेब्यू का मौका मिला और पहले ही मैच में पृथ्वी शॉ ने शतक ठोक दिया. वो डेब्यू टेस्ट में शतक मारने वाले सबसे युवा भारतीय बने थे. तब शॉ की उम्र 18 साल 329 दिन थी. वैसे, सबसे कम उम्र में टेस्ट शतक ठोकने वाले भारतीय सचिन तेंदुलकर हैं. उन्होंने 17 साल 107 दिन में इंग्लैंड के खिलाफ सेंचुरी लगाई थी |

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